एक आम इंसान के लिए पानी की आवशक्तया क्या है ये बताना मुश्किल है. हर इंसान को सुबह उत्थे हे पानी की ज़रूरत पड़नी है. जीवन का आधार हे पानी है . इस ब्रह्माण्ड में किसी भी गृह पर जीवन का आधार नहीं है सिवाए अपनी धरती के.  इस का कारण साफ़ है. इस पूरे ब्रह्माण्ड में पानी सिर्फ धरती पर हे उपलब्ध है.

एक इंसान के जीवन में हवा से सात सात पानी की  भी उतनी ही अवक्शाकतय है . विज्ञान का कहना है की इंसान को अगर तीन से ज़्यादा दिन पानी नहीं मिला थो उसकी माउथ भी हो सकती है.

पर हम खुशनसीब है की अपनी धरती पानी से भरपूर है. जो कई सदियों से इस धरती पर जीवन का आधार है

यह कहते हुए , हम आपको यह बताना जरुरी समझते है की साफ़ पानी पीन एक इंसान के लिए कितना अहम् है. दूषित पानी पीने से हैज़ा , कब्ज़ और कई सारे बीमारी आते है. तब एक इंसान को अपने जीवन को सेहतमन्द बिताने के लिए साफ़ पानी पीना अवश्य है

आप शायर में हो या गांव में , इंडस्ट्रीज के खुदे कचरे के वजह से पानी कलुषित होजाता है. निम्न लिखित वाटर पूरिफिएर इस साल के सबसे बेहतरीन है . हम आप से अनुरोद करते है की इस पोस्ट को पूरी तरह से पढ़े और सही निर्णय ले

पानी के कई साधन

बारिश का पानी इस धरती पे पानी का मूल्य आधार है. यह भूजल का मुख्या आधार है. इस बारिश के पानी से नदिया और नहर पानी से भर जाते है और साल भर पानी का आधार बन जाते है.

अंटार्टिका और आर्टिक के परदेशों में गर्मी बढ़ने के कारण बर्फ पिगल जाती है और यह भी पानी के लिए एक आधा र बन जाता है.

कई सारे देश में साफ़ पानी नहीं मिलता तब वह के लोग देसलिनाशन का आधार लेते है . जिसमे समुन्दर के पानी को साफ़ पानी में बदल दिया जाता है

पानी का प्रदूषण के कारण

हर नदी पहाड़ों के बीच से एक धरा के रूप में निकलती है और आगे बढ़ कर पूर्ण रूप में बदल जाती है. इस रास्ते में नदी कई सारे तरह के नमक और मिनरल को अपने आप में समां लेती है.

इन नमक में सोडियम पोटैशियम क्लोरीन और मैग्नीशियम भी शामिल है . यह सब मिलकर टोटल दिस्सोल्वेड सॉलिड्स कहलाते है. आगे आपको इसके बारे में पूरी तरह से समजाते है .

यह नमक ज़मीन में प्रकृति में हे उपलब्ध है. पर हम इंसान इंडस्ट्रीज अधिक मात्रा में लगाकर पानी का प्रदूषण बढ़ा रहे है. इंडस्ट्रीज से निकला हुआ सारा टॉक्सिक कचरा हम नदी में बहा देते है. जो इंसान के सहित के लिए काफी हानिकारक है.

इन कलुषित चेमिकल्स में मरकरी लेद आयरन काफी हानिकारक है

ये सारे कलुषित पदार्थ  कोलेरा डीसेंट्री जैसे बिमारी फैला ते है. इसलिए साफ़ पानी पीना अवश्य है.

कलुषित पानी को साफ़ करना के लिए पूरिफिएर इस्पे निर्भर करता है की उस पानी में कोनसे पदार्थ है . कितने मात्रा में है और उन्हें साफ़ करने का तारीख क्या है.

पानी में मिलावटों के प्रकार

जैसे पेजले भी लिखा हुआ है पानी में कई तरह के अलग अलग मिलवाते होती है जिन्हे साफ़ करने का भी तारीख अलग होता है. आप कोनसा पानी इस्तेमाल करते है, आपका पानी कहा से आता यही , उस पानी में कलुषित की मात्रा कितनी है ये सब बातें ध्यान में रखते हुए हमे पूरिफिएर खरीदना  चाहिए .

अगर हम समुन्दर के किनरे वाले प्रन्थिन में रहते है तब पानी में नमक की मात्रा अधिक होजाती है. अगर हम बोरवेल का पानी इस्तेमाल करते है तब नमक की मात्रा और भी बढ़ जाती है. इस पानी को साफ़ करने की सख्त से सख्त ज़रूरत है क्यों की इसमें नमक के अलावावा और भी कई विष पूरथ पदार्थ होते है.

अगर आप शहर में रहते है तब पानी में क्लोरीन की मात्रा बढ़ जाती है. अगर छोरिन की मात्रा सामन्य रूप से ज़्यादा होगायी तब इसके असर सेहत पर दिकने लगता है.

आपका वाटर पूरिफिएर को इन पदार्र्थों से अलावा जानवर का मॉल मूत्र जैसे पदार्थों को भी साफ़ करना पड़ता है.

इन पदार्थों को साफ़ करने में नयी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना पड़ता है जैसे रिवर्स ओसमोसिस . अल्ट्रा वायलेट परुईरिफिकेशन और अल्ट्रा फिल्ट्रेशन मेथड. मोर्डर्न पूरिफिएर सब इस टेक्नॉलजी से सममूल्ये है.

हमने टोटल दिस्सोल्वेड सॉलिड्स के बारे में ज़िकर किया था और सामान्य रूप से यह स्टार में इसका रहना स्वीकारैत है.

सामान्य रूप

  • ३०० से काम : बेहतरीन
  • ३००-६०० : पीने के लायक
  • ६०० से ९०० तक : इस्ते माल के लायक
  • ९००-१२०० : खराब स्तर
  • १२०० सुर ज़्यादा : बिलकुल भी स्वीकारतीथ नहीं

यह सब सामान्य रूप के स्तर है. ज़मीन के पानी में इसका स्तर ९०० से ज़्यादा होता है जिसे हमको पूरीफी करना ज़रूररी है.

ऊपर लिखी हुए सूची से यह मालूम पढता है की हमे साफ़ पानी पीना कितना ज़रूरी है, और साफ़ पानी पीने के लिए पूरिफिएर की कितनी जरुतत है.

भारत में वाटर पूरिफिएर के प्रकार

हम सरल पूरिफिएर से शुरुवात करके आज की टेक्नोलॉजी से सामंथा रखने वाले पूरिफिएर की बात करेंगे.

  • मेम्ब्रेन फिल्टर्स
  • ग्रेविटी बेस्ड फिल्टर्स
  • RO + UV + UF वाटर पूरिफिएर
  • EAT फ़िल्टर

यह बाज़ार में मिलने वाले सबसे सरल पूरिफिएर है. कुछ दशक पहले तक हमारे पास ऐसे टेक्नॉलजी नहीं थी तन हम इन पूरिफिएर का इस्ते माल करते थे . यह पूरिफिएर ग्रेविटी की मदद से पानी को कई सारे पार्डन से और कार्बन कवर सेनीचे तक लाता है और पानी में मिला हुआ सारा प्रदूषण पार्डन में और कार्बन कवर में अटक जाता है. इन पार्डन में काफी चीते छेद होते है जिनसे किसी भी तरह का अशुद्ध पदार्थ नहीं गुज़रता.

इस प्रकार के प्रूरिफिएर को हम काम प्रदूषित वाले पानी को साफ़ क्स्डने में इस्ते माल कर सकते है. अगर आप पहाड़ी इलकों से रहते है जहा पानी कुछ हद्द तक शुद्ध है या काम इंडस्ट्रीज वाले प्रान्त में रहते है आप को इन पूरिफिएर का इस्तेमाल करना चाहिए.

मेम्ब्रेन फिल्टर्स,ग्रेविटी बेस्ड फिल्टर्स

RO + UV + UF  वाटर पूरिफिएर , EAT फ़िल्टर

वाटर प्रूरिफिएर की टेक्नोलॉजी

हमने इन पूरिफॉयर की बात की. अब इन पूरिफिएर को को हम विस्तार में पढ़ेंगे.

इलेक्ट्रो अब्सॉर्प्शन टेक्नोलॉजी :

इस पूरिफिएर में चार पांच होते है. वो नींम लिखित है :

एक्सटर्नल प्रे फ़िल्टर
इस फ़िल्टर से हम अधिक मात्रा में रहने वाले रेती कंकर धुल और किसी भी तरह के गंदगी को आसानी से साफ़ कर सकते है. यह पानी को साफ़ करने में पहला चरण है 
मैकेनिकल फ़िल्टर
ये पानी को साफ़ करने का दूसरा चरण है . यहाँ पानी में रहने वाले किसी भी तरह के कीड़े या आँख से नज़र आने वाली बड़ी चीज़े जैसे के छोटे कंकर और कीड़े साफ़ होजाते है
इलेक्ट्रो एडहेसिव फ़िल्टर
पानी साफ़ करने में ये तीसरा चरण है . पानी आधिख तर नेगेटिव चार्ज होता हो. पानी में कई तरह के बैक्टीरिया और वायरस भी मौजूद होते है . जब पानी इस चरण से गुज़रता है तब पानी में रहने वाले सारे बैक्टीरिया और वायरस का नाश होता है
आयन एक्सचेंज फ़िल्टर
पानी साफ़ करने में ये चौहथा चरण है. इसमें पानी में रहने वाले कई तरह के आयन का नाश होता है. पानी में सोडियम और मैग्नीशियम के वजह से आयन रहते है. जिन्हे इस चरण में न्यूट्रैलिज किया जाता है
इलेक्ट्रो आडसोर्प्शन
इस ion फ़िल्टर में एक्टिवेटिड ग्रनुलेस (छोटे पडाहार्थ ) होते है जिनकी मदद से पानी में किसी भी तरह के नेगगाटीवे चार्ज को न्यूट्रल

इलेक्ट्रो आडसोर्प्शन
]यह पानी साफ़ करने में आखरी चरण है इसमें में चेमिकल्स और पेस्टीसिड्स का नाशा होता है

रिवर्स ओसमोसिस

ये पूरिफिएर सारे विश्व में प्रसिद्ध है .

इस प्रूरिफिएर में कई सारे मेम्ब्रेन (परदे ) होते है जिनसे पानी गुज़रकर साफ़ होता है. यह पानी को ९०% तक साफ़ करता है . ये पूरिफिएर सबसे पुराण और अधिक इस्तेमाल किये जाने वाला पूरिफिएर है.

सेडीमेंट फ़िल्टर

ये एक प्रकार का फिकल्टेर है जो सामान्य पूरिफिएर के बहार लगाया जाता है जिससे बड़े कलुषित प्रदार्थ जैसे कंकर या कोई रेती साफ़ होतो है.

अगर आपका पानी साफ़ है तब आपको इस सेडीमेंटय फ़िल्टर की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.

प्रे एक्टिवेटिड कार्बन फ़िल्टर

ये फ़िल्टर आर्गेनिक पदार्थ जैसे जानवर का मॉल मूत्र से आये हुए कीड़े और कचरे को साफ़ करता है जीसे पानी में गन्दी गंध आने लगती है.

रिवर्स ओसमोसिस की क्रिया विधि

पानी को साफ़ करने में अगला चरण रिवर्स ओसमोसिस है .

पानी जब पूरिफॉयर में होता है तब मेम्ब्रेन (पर्दा ) से गुज़रते वक़्त उच्च कन्सेंत्रैव से काम कंसंट्रेशन की और नहीं बढ़ता . तब RO पूरिफॉयर पानी को हाई कंसंट्रेशन से लो कन्सेंत्रैव की और बढ़ता है जिससे पेरटीसीडे लेद मरकरी विरुसेस और काये सारे सुखंजीव की सफाई होतो है

अल्ट्रा वायलेट प्रोटेक्शन

जो वायरस RO से साफ़ नहीं होता उस पानी को UV प्रोटेक्शन से साफ़ किया जाता है. अगर आपका पानी नदी से आता है जहा जानवर का मॉल मूत्र पाया जाता है तब उस पानी को RO पूरी तरह से साफ़  नहीं किया जासकता . UV प्रोटेक्शन पानी को एक कांटी से गुज़रता है और वह इन विरोज़ की सफाई होती है. अगर पानी में सोडियम आयन भी है तब वो भी इस चरण में चले जाते है और पानी साफ़ होता है

अल्ट्रा फिल्ट्रेशन

इस चरण में एक पर्दा होता है और जिसमे काफी छोटे परदे होते है इन पर्दो में से जब पानी गुज़रता है तब बची हुए किसीभी तरह के कीटाणु का नाश होजाता है.

पोस्ट एक्टिवेटिड कार्बन फ़िल्टर

ये फ़िल्टर पानी में किसीभी तरह के गंध को साफ़ करने में सहायता करता है. इससे पानी का स्वाद आचा होजाता है

टीडीएस कंट्रोलर जब पानी RO प्यूरीफायर से बाहर आता है वह शुद्ध हो जाता है लेकिन पानी में किसी भी तरह के कीटाणु वायरस या बंद होने के कारण पानी पूरी तरह से साफ नहीं होता है नदी के किनारे से आने वाला पानी अधिकतर जानवर के मल मूत्र में से मिला होता है इसको साफ करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है पानी में कभी-कभी कैल्शियम और मैग्नीशियम भी मिल जाते हैं और इन मिनरल्स के वजह से अपने सेहत पर काफी सारा इफ़ेक्ट होता है पानी को टीडीएस कंट्रोलर से साफ करने से किसी भी प्रकार के वायरस या मिनरल्स की छुट्टी हो जाती है

मिनरलीज़ेर

कभी-कभी टीडीएस कंट्रोलर से पानी पूरी तरह से साफ नहीं होता है तब हमें इस प्रकार के पूरी फायर को इस्तेमाल करना चाहिए अगर पानी में कैल्शियम और मैग्नीशियम ज्ञात सोडियम जैसे अयान हो तब हमें इस मिनट इस फ़िल्टर को इस्तेमाल करना चाहिए इससे पानी में स्वाद और मिनरल कंटेंट की बढ़ाओ होती है.

कौन सा फिल्टर खरीदें

हमने आपको समझाया हर प्रकार के फिल्टर की चलने की ऋषि और कौनसे फिल्टर को किस तरह से और कब इस्तेमाल किया जाएगा अब हम चलते हैं यह जानने के लिए कि पानी में किस प्रकार के कलुषित प्रसारित होने पर किस प्रकार के फिल्टर को इस्तेमाल करना चाहिए इससे आपको कौन सा फिल्टर खरीदें यह निर्णय लेने में सहायता होगी.

पानी में टीडीएस का स्तर क्या पानी मैला है क्या पानी में मॉल मूत्र है कोनसा पूरिफिएर खरीदे
३०० से काम नहीं नहीं ग्रेविटी से फ़िल्टर करने वाले फ़िल्टर
३०० से काम नहीं हां अल्ट्रा वायलेट फ़िल्टर क्यों की बैक्टीरिया साफ़ करने में मदद होगी
३०० से काम हां नहीं uv  और uf  जैसे फ़िल्टर
३०० से ज़्यादा नहीं नहीं ro  पूरिफिएर
३०० से ज़्यादा हां हां बिना कोई दूसरी सोच के आपको ro + uv +uf  पूरिफिएर इस्तेमाल करना चेहये

RO प्यूरीफायर अच्छा पृथ्वी फायर है लेकिन RO प्यूरीफायर में भी कुछ कमी है आरो प्यूरीफायर पानी को लगभग 60 से 70% साफ करता है लेकिन अगर आप के पानी में कई तरह के इंडस्ट्रियल वेस्ट हो तब RO प्यूरीफायर में कमी रह जाती है.

तब आप को यूंही या एयर फिल्टर की इस्तेमाल करना चाहिए अगर आप के पानी में टीडीएस की मात्रा 500 से ज्यादा है तब आपको RO का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए बेशक आरो पानी को बहुत साफ करता है लेकिन जब पानी में प्रदूषित की मात्रा अधिक हो तब आपको किसी और प्यूरीफायर का इस्तेमाल करना चाहिए

हमने पानी को साफ करने में कई सारे विषय पर बात की है यह पोस्ट आपको सही तरह का वाटर प्यूरीफायर खरीदने में बेशक मदद करेगा बाजार में सही तरह का वाटर प्यूरीफायर खरीदना काफी जरूरी है. इससे आपकी और आपके परिवार वालों की सेहत बनी रहती है.

मार्केट में अब उपलब्ध वाटर प्यूरीफायर जैसे केंद्र प्यूरीफायर प्योर इट(pure it). ब्लू स्टार(blue star) LG और एक्वागार्ड (Aqua gaurd)  हैं.  जिनमें से कई सारे अच्छे वाटर प्यूरीफायर हैं आप इस पोस्ट को अच्छी तरह से पढ़े और आप के घर में किस तरह का पानी आता है. उससे आपको किस तरह का पूरिफिएर खरीदना चाहिए यह आप खुद निर्णय ले सकते हैं.  ऊपर बताए गए सारे वाटर प्यूरीफायर 1 साल की वारंटी के साथ आते हैं. और 1 साल का मेंटेनेंस भी फ्री होता है अगर आपको 1 साल के अंदर किसी भी तरह की खराबी वॉलपेपर में हो तब आपको वाटर प्यूरीफायर पूरी तरह से बतलाओ या जिस पाठ में कमी है उसे चेंज किया जाता है.

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